उत्तर प्रदेश फतेहपुर जिले में बाल श्रम उन्मूलन एवं पुनर्वासन हेतु एक दिवसीय जनपदस्तरीय कार्यशाला का आयोजन श्रम विभाग, एवं एसोसिएशन फॉर वालेंटियरी एक्शन के संयुक्त तत्वाधान में मुख्य विकास अधिकारी पवन कुमार मीना की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में आयोजित की गई। सहायक श्रमायुक्त द्वारा कार्यशाला की रूप-रेखा एवं विषय की संक्षेप में चर्चा करते हुए की गई। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा बाल श्रम न कराये जाने के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से रथयात्रा को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया गया तथा मुख्य विकास अधिकारी द्वारा उपस्थित सभी व्यापार एवं भट्टा एसोसिएशन तथा अन्य गणमान्यों से यह अपील की गई कि बाल श्रम होने के विभिन्न कारणों में से एक आर्थिक कारण भी है, जिसके लिए सरकार द्वारा विभिन्न विभागों में संचालित योजनाएं जैसे- मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, संत रविदास शिक्षा प्रोत्साहन योजना एवं अटल आवासीय विद्यालय योजना से जोड़े जाने हेतु किये जा रहे प्रयासों में सहयोग प्रदान करें, ताकि बाल श्रम उन्मूलन मुक्त प्रदेश के सपने को साकार किया जा सके। उनके द्वारा जनपद फतेहपुर को बाल श्रम मुक्त बनाये जाने हेतु शपथ भी कराई गई। कार्यशाला में श्रम आयुक्त, उ०प्र० मुख्यालय कानपुर की ओर से सैय्यद रिजवान अली, स्टेट कोऑर्डिनेटर द्वारा कार्यशाला में उपस्थित सभी सम्मानित गणमान्यों/अधिकारियों को बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 यथासंशोधित, 2016 के प्राविधानों के बारे में विस्तृत रूप से चर्चा की गई। उनके द्वारा अवगत कराया गया कि उत्तर प्रदेश को वर्ष 2027 तक बाल श्रम मुक्त प्रदेश बनाया जाना है, इसलिए जरूरी है कि अधिनियम के महत्वपूर्ण प्राविधानों की समझ हम सभी को होनी चाहिए। उन्होने यह भी कहा कि 14 वर्ष तक के बच्चों को कार्य पर रखा आना अधिनियम के अनुसार पूरी तरह से विधि विरुद्ध है। 14 वर्ष से 18 वर्ष तक के किशोर श्रमिकों से केवल गैर खतरनाक प्रक्रिया में कार्य अधिनियम में विहित शर्तों जैसे- 06 घंटे से अधिक कार्य नहीं लेना है।

एक साथ 03 घंटे से अधिक कार्य नहीं लेना है, इसकी सूचना श्रम अधिकारी को देनी होगी, शिक्षा पर इसका नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़े व अन्य शर्तों के साथ। यदि किसी सेवायोजक प्रतिष्ठानस्वामी के द्वारा प्राविधानों के विपरीत कार्य कराया जाता है तो अधिनियम में दण्ड की व्यवस्था भी है जिसके विषय में भी सभी को अवगत कराया गया। कार्यशाला में बाल श्रम उन्मूलन हेतु हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत भी की गई तथा चार्ट पर उपस्थित सभी अधिकारियों एवं गणमान्यों से उनके सुझाव व विचार भी लिये गये। अंत में कार्यशाला का समापन सहायक श्रमायुक्त, द्वारा सभी उपस्थित अधिकारियों/गणमान्यों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए जनपद फतेहपुर को बाल श्रम मुक्त किये जाने का प्रण लिया गया। कार्यशाला में श्रम विभाग के सभी अधिकारी/ कर्मचारी, अध्यक्ष एवं सदस्य, बाल एवं कल्याण समिति, चाइल्ड लाइन के सदस्य, ए०एच०टी० थाना व अन्य अधिकारीगण तथा व्यापार मंडल एवं भट्ठा एसोसिएशन के अध्यक्ष व महामंत्री अपने सदस्यों सहित उपस्थित हुए।
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