उत्तर प्रदेश फतेहपुर जिले के किशनपुर थानां क्षेत्र में घर के बाहर खेलते समय मंगलवार साम एक बच्चा अचानक लापता हो गया था। जब देर रात तक पता नहीं चला तो सुबह से ग्रामीणों ने नदी और नालों में तलाश शुरू कर दी थी। एसडीआरएफ की टीम ने भी तलाश की और ड्रोन से लगभग 500 मीटर तक के इलाके में खोजबीन पुलिस ने कराई थी। लोची का डेरा मजरे इटरौरा निवासी हरिशंकर निषाद का पुत्र अंकुश उम्र साढ़े 3 वर्ष अचानक शाम को गायब हो गया था। बच्चे की तलाश चार किलोमीटर तक नदी में जाल डालकर की गई। लेकिन शव नहीं मिल पाया। शनिवार सुबह शौच क्रिया के लिए जंगल गए ग्रामीणों ने गांव के किनारे स्थित अरहर के खेत से तेज बदबू महसूस की। इस दौरान ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो एक बच्चे का शव जिसका केवल पैर और पैर में पैंट पहने बच्चे की लाश पड़ी थी। उसके बाद ग्रामीणों ने गुमशुदा बच्चे के परिजनों को सूचना दी।परिजनों ने थाना पुलिस को मामले की सूचना दी और बच्चे के परिजनों ने कपड़े से शिनाख्त कर गायब अंकुश की लाश होने की पुष्टि की। मौके पर पहुंची किशनपुर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी की। इस दौरान आक्रोशित ग्रामीण बिना जांच किए शव नहीं उठाने देने की मांग करने लगे। थोड़ी देर बाद मौके पर पहुंचे एडिशनल एसपी के समझाने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जाने दिया गया। वही मामले में अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि प्रथम दृष्टया बच्चे की मौत का कारण जंगली जानवर का हमला होना प्रतीत हो रहा है। फिर भी पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है। गायब बच्चे की तलाश के लिए किशनपुर थाने से प्रतिदिन 6 से ज्यादा सिपाही व दरोगा लगे रहे। विजयीपुर चौकी से नरैनी की तरफ के कैमरे भी चेक किए गए एसडीआरएफ और एसओजी भी पहुंची लेकिन घर से 50 मीटर की दूरी पर पड़ी लाश खोजने में नाकाम रही। ग्रामीणों ने पुलिस को शव उठाने से रोक मामले का खुलासा करने का बनाया दबाव किशनपुर पुलिस बच्चे के लाश को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने लगी तो ग्रामीणों ने रोक लगाते हुवे मामले का खुलासा करने की मांग की । एसओजी और फॉरेंसिक टीम ने वहां पड़े बाल, खून वाली मिट्टी और कपड़े उठाई । उसके बाद लाश पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
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