उत्तर प्रदेश फतेहपुर जिले में रविवार को रामा-श्यामा मैरिज हाल में चिटफंड पीड़ित जमाकर्ता परिवार की बैठक और प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित हुई। कार्यक्रम का संचालन संगठन के राष्ट्रीय संरक्षक सूरजदीन विश्वकर्मा की अध्यक्षता में किया गया।
बैठक में निवेशकों ने बताया कि चिटफंड कंपनियों से भुगतान कराने हेतु भारत सरकार द्वारा बनाए गए BUDS Act 2019 के तहत जिलाधिकारी कार्यालय में आवेदन किए जा रहे हैं, लेकिन इसमें कई अनियमितताएँ हो रही हैं। कई निवेशकों का आवेदन सही तरीके से रिसीव नहीं किया जा रहा, उन्हें कोई क्रमांक नहीं दिया जा रहा और जिम्मेदार अधिकारियों से शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो रही। पीड़ितों ने आरोप लगाया कि पिछले कई सालों से इस मामले पर ज्ञापन देकर शिकायत की गई, लेकिन झूठे आश्वासन देकर लगभग 10 से 15 लाख निवेशकों को धोखा दिया जा रहा है। संगठन ने बताया कि सितंबर 2024 से नहर कॉलोनी परिसर में अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी है, लेकिन जिले के कोई जिम्मेदार अधिकारी, विधायक या सांसद इस मुद्दे पर उपस्थित नहीं हुए। बैठक में निवेशकों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो मई-जून के महीने में पूरे जिले के निवेशक सड़क पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेंगे और आगामी आम चुनावों का भी बहिष्कार करेंगे। उन्होंने कहा कि चिटफंड घोटाला देश का सबसे बड़ा मुद्दा है, लेकिन स्थानीय प्रशासन और प्रतिनिधि ठग कंपनियों के पक्ष में खड़े हैं। निवेशकों ने जोर देकर कहा कि उनका उद्देश्य केवल अपनी गाड़ी कमाई का भुगतान प्राप्त करना है, कोई विशेष राजनीतिक लाभ नहीं। उन्होंने प्रशासन से तत्काल समाधान की मांग की। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष अंबिका प्रसाद गोरे, बलराम चंद, अवधेश कुमार विश्वकर्मा, वंश गोपाल, प्रेमलाल, रामकरण, राकेश साहू, राम अवतार, अमृतलाल, प्रदीप शर्मा, डॉ. रामस्वरूप वर्मा, मनोज कुमार पटेल, रुद्रपाल, विनोद कुमार मौर्य, सतीश कुमार विश्वकर्मा, विजय कुमार, संजय कुमार विश्वकर्मा, अमृतलाल सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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