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उत्तर प्रदेश फतेहपुर में भीषण गर्मी और लू से बचाव के लिए जिलाधिकारी की आम जन मानस से विशेष अपील जिले में आज 19 मई 2026 को दर्ज किया गया लगभग 46 डिग्री सेल्सियस का तापमान केवल एक आँकड़ा नहीं है, बल्कि यह हमारे जीवन और स्वास्थ्य के लिए गंभीर चेतावनी है। इतनी भीषण गर्मी और लू की संभावना आने वाले दिनों में भी बनी रहेगी। इस परिस्थिति में हर नागरिक का यह कर्तव्य है कि यह स्वयं, अपने परिवार और अपने आस-पड़ोस के लोगों की सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानियों बरते। तेज धूप और लू से बचाव के लिए सबसे पहला कदम है कि दिन के समय, विशेषकर दोपहर में, अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें। यदि बाहर जाना ही पड़े तो सिर को ढककर ही जाएँ। इसके लिए, गमछा, टोपी या छाता का प्रयोग करें। यह केवल एक साधारण उपाय नहीं है, बल्कि जीवन रक्षक ढाल है। सिर पर कपड़ा या टोपी रखने से धूप का सीधा असर कम होता है और शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है। गर्मी के मौसम में शरीर को हाइड्रेटेड रखना बेहद ज़रूरी है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें। केवल प्यास लगने पर ही नहीं, बल्कि नियमित अंतराल पर पानी पीना चाहिए। नींबू पानी, छाछ, नारियल पानी जैसे प्राकृतिक पेय भी शरीर को ठंडक पहुँचाते हैं। याद रखें कि पसीने के साथ शरीर से नमक और मिनरल्स भी बाहर निकलते हैं. इसलिए हल्के नमक वाला पानी या इलेक्ट्रोलाइट का सेवन भी लाभकारी है। कपड़ों का चुनाव भी इस मौसम में अहम है। हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें। गहरे रंग और सिंथेटिक कपड़े शरीर में गर्मी को रोकते हैं और पसीना सोखते नहीं, जिससे असुविधा बढ़ती है। सूती कपड़े हवा को आसानी से पार होने देते हैं और शरीर को ठंडक पहुँचाते हैं। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखें। ये वर्ग गर्मी से जल्दी प्रभावित होते हैं। बच्चों को धूप में खेलने से रोकें, बुजुर्गों को दिन में बाहर जाने से बचाएँ और बीमार व्यक्तियों को ठंडी जगह पर आराम करने दें। यदि किसी को चक्कर आना, सिरदर्द, अत्यधिक थकान या उल्टी जैसी समस्या महसूस हो तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। समय पर इलाज ही जीवन बचा सकता है। जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स ने कहा है कि गर्मी केवल इंसानों के लिए ही नहीं, बल्कि पशु-पक्षियों वो लिए भी एक चुनौती है। अपने घरों और आस-पास के क्षेत्रों में पानी की व्यवस्था करें। पशुओं हेतु खुले स्थानों पर पानी के बर्तन रखें ताकि गाय, कुत्ते जैसे पशु और सभी प्रकार के अन्य पक्षी भी राहत पा सकें। अपनी छत पर भी पानी के बर्तन रखें ताकि कबूतर, गौरैया, तोता और अन्य पक्षी आसानी से पानी पी सकें। यह न केवल मानवीय दृ ष्टिकोण से आवश्यक है बल्कि पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए भी ज़रूरी है। जिलाधिकारी ने सभी शैक्षणिक संस्थानों, औद्योगिक इकाइयों और कार्यालयों को निर्देशित किया है कि वे अपने कर्मचारियों और विद्यार्थियों को गर्मी से बचाव के उपायों के बारे में जागरूक करें। नगर निकायों को भी निर्देश दिए गए हैं कि ये सार्वजनिक स्थलों पर पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था करें और छायादार स्थानों पर विश्राम स्थल उपलब्ध कराएँ। जनपद के समस्त सिनेमा घरों में उ०प्र० राज्य आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण, लखनऊ द्वारा तैयार की गयी ‘लू से बचाव की शार्ट फिल्म सिनेमा आरम्भ होने व इंटरवल में अवश्य चलायें। नागरिकों से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने आस-पास के लोगों को भी जागरूक करें। सामूहिक सहयोग और जागरूकता ही हमें इस कठिन मौसम में सुरक्षित रख सकती है। जब हर व्यक्ति अपने स्तर पर सावधानी बरतेगा, तभी सुरक्षित रह पाएगा। लू से बचाव सम्बन्धित किसी प्रकार चुनौती / समस्या आने पर तुरन्त जिला आपदा नियन्त्रण कक्ष, फतेहपुर के 05180-298632, 9454417876 पर तुरन्त सम्पर्क करें।
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