उत्तर प्रदेश फतेहपुर जिले की बिंदकी तहसील क्षेत्र में यमुना नदी में मत्स्य आखेट पर प्रतिबंध होने के बावजूद बड़े पैमाने पर अवैध रूप से मछलियों का शिकार जारी है। वर्तमान समय मछलियों के प्रजनन काल का होने के कारण मत्स्य आखेट पूरी तरह प्रतिबंधित रहता है। इसके बावजूद खुलेआम हो रहे शिकार ने मत्स्य विभाग और प्रशासन की कार्य प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार परसेढ़ा, दपसौरा, धाना, गौरी, आवाजीपुर, रेंगना, रिठवा, बारा, ककोरा, मौहारी, गंगौली, दरियाबाद सहित यमुना नदी के विभिन्न घाटों पर लगातार मत्स्य आखेट किया जा रहा है। वहीं चांदपुर और जाफरगंज क्षेत्र के यमुना घाटों पर भी प्रतिबंध के बावजूद बड़े पैमाने पर मछलियों का शिकार होने की चर्चा है। लोगों का कहना है कि जब मत्स्य आखेट पर पूर्ण प्रतिबंध लागू है तो आखिर किसके संरक्षण या इशारें पर यह अवैध गतिविधि संचालित हो रही है। यदि जिम्मेदार विभाग समय रहते प्रभावी कार्यवाई करते, तो इस तरह खुलेआम नियमों की अनदेखी संभव नहीं होती।स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि मत्स्य विभाग और संबंधित जिम्मेदार अधिकारी पूरे मामले से अवगत होने के बावजूद कोई ठोस कार्यवाई नहीं कर रहे हैं। ऐसे में जैव विविधता और जलीय जीवों के संरक्षण को लेकर भी गंभीर चिंता जताई जा रही है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन और मत्स्य विभाग अवैध मत्स्य आखेट पर प्रभावी शिकंजा कसते हैं या फिर प्रतिबंध के बावजूद यह सिलसिला इसी तरह जारी रहता है।
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