उत्तर प्रदेश फतेहपुर जिले में भारतीय किसान यूनियन (महात्मा टिकैत) ने राष्ट्रीय अध्यक्ष के आह्वान पर आज प्रदेश भर में भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल तालान के निर्देश पर हर महीने की 28 तारीख को आयोजित होने वाली मासिक बैठक के तहत आज सभी जिला मुख्यालयों पर किसानों का यह बड़ा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। ज्ञापन के माध्यम से किसान संगठन ने भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील का कड़ा विरोध किया है। किसान नेताओं का साफ कहना है कि यदि अमेरिका से कृषि उत्पाद, बीज, फल, दूध और अन्य डेयरी प्रॉडक्ट्स भारत में आते हैं, तो इससे देश के स्थानीय किसानों की कमर टूट जाएगी। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि आज देश में आलू महज 5 रुपये किलो बिक रहा है, जिससे किसान की अपनी लागत भी नहीं निकल पा रही है। ऐसे में यदि विदेशी उत्पाद बाजार में आ जाएंगे, तो आलू की कीमत गिरकर 2 रुपये किलो तक पहुंच जाएगी और भारतीय किसानों को पूछने वाला कोई नहीं रहेगा। इसके साथ ही, किसानों ने एमएसपी यानी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गारंटी कानून की मांग को प्रमुखता से दोहराया। उन्होंने कहा कि स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट में स्पष्ट लिखा है कि किसानों को उनकी उपज का लागत से दो गुना लाभकारी मूल्य मिलना चाहिए, जो आज तक किसानों को नहीं मिल सका है। कोल्ड स्टोरेज में आलू की गिरती कीमतों के कारण किसान भारी आर्थिक संकट में हैं। स्थिति यह है कि किसान धान की फसल के लिए सिंचाई, खाद और रोपाई तक का खर्च नहीं जुटा पा रहे हैं। किसान नेताओं ने सरकार से सवाल किया है कि ऐसी परिस्थितियों में किसान अपने परिवार का भरण-पोषण कैसे करेगा और बच्चों की पढ़ाई तथा दवाई का खर्च कैसे उठाएगा? किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का जल्द निस्तारण नहीं हुआ, तो यह आंदोलन और अधिक उग्र रूप लेगा।
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