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उत्तर प्रदेश फतेहपुर जिले के पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने मृतक छात्र के प्रकरण में बताया कि परिजनों द्वारा कल दोपहर तहरीर दी गई थी। जिस पर आवश्यक प्रारंभिक जांच के उपरांत उसी दिन अभियोग पंजीकृत कर लिया गया था। अतः अभियोग पंजीकरण में 24 अथवा 48 घंटे की देरी किए जाने की बात सहीउ नहीं है। प्रकरण की विस्तृत जांच की गई है तथा अभियोग पंजीकृत होने के उपरांत गहन विवेचना प्रचलित है। अभी तक की जांच में प्राप्त सीसीटीवी फुटेज के अनुसार दिनांक 26 अगस्त को छात्र विद्यालय जाता एवं विद्यालय में प्रवेश करता हुआ दिखाई दे रहा है। विद्यालय प्रबंधन के अनुसार परीक्षा के दौरान मृतक छात्र एवं उसके एक सहपाठी के पास नकल से संबंधित पर्ची मिलने पर दोनों को परीक्षा कक्ष से बाहर ले जाकर प्रधानाचार्य द्वारा अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई थी, जो सीसीटीवी फुटेज में भी दिखाई दे रही है। इसके उपरांत लगभग 10:30 से 10:45 बजे के मध्य छात्र विद्यालय से बाहर निकलता हुआ तथा रास्ते में प्राप्त सीसीटीवी फुटेज में लगभग 11:39 बजे स्वयं साइकिल चलाते हुए उस दिशा में जाता हुआ दिखाई दे रहा है, जहां बाद में वह थाना मलवां क्षेत्रान्तर्गत सौरा चौकी क्षेत्र में पानी की टंकी के पास अचेत अवस्था में मिला था। लगभग 1:40 बजे सौरा चौकी के पुलिसकर्मी को इसकी सूचना प्राप्त हुई। सूचना पर तत्काल पुलिस मौके पर पहुंची तथा स्कूल आईडी कार्ड के माध्यम से छात्र की पहचान कर उसके परिजनों को सूचित किया गया। छात्र को तत्काल एम्बुलेंस के माध्यम से मेडिकल कॉलेज भिजवाया गया तथा विद्यालय प्रबंधन को भी सूचना दी गई। मेडिकल कॉलेज से कानपुर रेफर किए जाने के दौरान रास्ते में छात्र की मृत्यु हो गई। मृतक का पोस्टमार्टम कराया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ऊपरी सीने में कंट्यूजन, पेट के क्षेत्र में चोट तथा कुछ पसलियों में फ्रैक्चर सहित अन्य चोटों का उल्लेख है। अभी तक की प्रारंभिक जांच एवं उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पोस्टमार्टम में पाई गई चोटों का विद्यालय के अंदर हुए घटनाक्रम से कोई प्रत्यक्ष संबंध स्पष्ट नहीं हो पाया है। छात्र के विद्यालय से निकलने के बाद अचेत अवस्था में मिलने तक के घटनाक्रम तथा पोस्टमार्टम में पाई गई चोटों के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए वैज्ञानिक विधि से विवेचना की जा रही है। क्राइम सीन का री-क्रिएशन कराया जाएगा तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के संबंध में मेडिकल बोर्ड से विशेषज्ञ राय भी प्राप्त की जाएगी, जिससे चोटों के संभावित कारणों को स्पष्ट किया जा सके। परिजनों द्वारा दी गई तहरीर में प्रधानाचार्य एवं विद्यालय प्रबंधक के विरुद्ध आरोप लगाए गए हैं, जिसके आधार पर अभियोग पंजीकृत किया गया है। प्रधानाचार्य को पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है। प्रकरण में उपलब्ध एवं संकलित किए जा रहे सभी साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है। विवेचना में जिस किसी व्यक्ति के विरुद्ध साक्ष्य प्राप्त होंगे, उसके विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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