उत्तर प्रदेश फतेहपुर जिले के मुख्य विकास अधिकारी पवन कुमार मीना की अध्यक्षता में फसल अवशेष जलाने की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण एवं पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से जनपद के कम्बाइन हार्वेस्टर स्वामियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप कृषि निदेशक द्वारा जनपद के उपस्थित समस्त कम्बाइन हार्वेस्टर स्वामियों को शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों से अवगत कराया गया। धान फसल की कटाई के दौरान कम्बाइन हार्वेस्टर के साथ सुपर स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम (एसएमएस), स्ट्रॉ रीपर, स्ट्रॉ रेक, बेलर अथवा अन्य अनुमन्य फसल अवशेष प्रबंधन यंत्र का अनिवार्य रूप से प्रयोग करते हुए ही की जाए। उन्होंने कहा कि यदि कोई कम्बाइन हार्वेस्टर फसल अवशेष प्रबंधन की निर्धारित व्यवस्था के बिना फसल कटाई करते हुए पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध तत्काल सीज की कार्रवाई की जाएगी तथा संबंधित कम्बाइन हार्वेस्टर स्वामी को अपने व्यय पर आवश्यक फसल अवशेष प्रबंधन यंत्र लगवाने के उपरान्त ही मशीन का संचालन करने की अनुमति दी जाएगी। मुख्य विकास अधिकारी ने उपस्थित कम्बाइन हार्वेस्टर स्वामियों से कहा कि विगत वर्षों में जनपद प्रदेश के उन जनपदों में सम्मिलित रहा है, जहाँ पराली जलाने की घटनाएं अधिक संख्या में सामने आई हैं। अतः कम्बाइन हार्वेस्टर स्वामियों की यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है कि वे अपनी मशीन से धान की कटाई कराने वाले कृषकों को फसल कटाई के उपरान्त फसल अवशेष न जलाने के संबंध में जागरूक करें कि उनके द्वारा फसल अवशेष में आग नहीं लगाई जाएगी। फसल अवशेष को जलाने के स्थान पर खेत में उचित प्रबंधन कर सड़ाने / मृदा में मिलाने से मृदा की उर्वरता एवं स्वास्थ्य में सुधार होता है तथा पर्यावरण को होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि कोई कम्बाइन हार्वेस्टर बिना आवश्यक फसल अवशेष प्रबंधन यंत्र के फसल कटाई करते हुए पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार सीज की कार्रवाई, पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति / अर्थदण्ड तथा आवश्यकतानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि निर्देशों की जानकारी न होने का कोई भी बहाना स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने उप कृषि निदेशक/जिला कृषि अधिकारी को निर्देशित किया कि जो कम्बाइन हार्वेस्टर स्वामी बैठक में उपस्थित नहीं हुए हैं, उनके इस संबंध में सूचना अवश्य दे दें। जिला उप कृषि निदेशक ने बताया कि जनपद में पंजीकृत समस्त कम्बाइन हार्वेस्टर के साथ कृषि विभाग के क्षेत्रीय कार्मिकों को संबद्ध किया जा रहा है। संबंधित कार्मिकों द्वारा अपनी देखरेख में यह सुनिश्चित कराया जाएगा कि कम्बाइन हार्वेस्टर से फसल की कटाई निर्धारित फसल अवशेष प्रबंधन यंत्र के साथ ही की जाए। कम्बाइन हार्वेस्टर स्वामियों से अपील की गई है कि फसल कटाई के दौरान शासन द्वारा निर्धारित प्रावधानों का कड़ाई से अनुपालन करें तथा बिना फसल अवशेष प्रबंधन यंत्र के कम्बाइन हार्वेस्टर का संचालन न करें। पर्यावरण संरक्षण, मृदा स्वास्थ्य एवं जनहित में फसल अवशेष न जलाएं। फसल अवशेष प्रबंधन के लिए उपलब्ध कृषि यंत्रों एवं वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाकर पराली जलाने की घटनाओं को रोकने में कृषि विभाग का सहयोग करें। इस मौके पर उप कृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी, कृषि विभाग के अन्य अधिकारी व लगभग 100 से अधिक कम्बाइन हार्वेस्टर स्वामी उपस्थित रहे।
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