उत्तर प्रदेश फतेहपुर जिले की सदर कोतवाली क्षेत्र के।ज्वालागंज मानस मार्केट स्थित ऐतिहासिक रामलीला मैदान (गाटा संख्या 2867) से जुड़ा जमीन का विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। मानवाधिकार एवं उपभोक्ता फोरम, नई दिल्ली की जिला इकाई ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है। फोरम के जिलाध्यक्ष अमित कुमार ने ज्ञापन में बताया कि यह मामला पिछले 11 महीनों से शासन-प्रशासन के संज्ञान में है, लेकिन अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। राजस्व विभाग की ओर से भूमि पर धारा 67 के तहत अवैध कब्जे की कार्यवाई भी प्रचलित है। सबसे बड़ा सवाल – कमेटियां कितनी वैध, ज्ञापन में कहा गया है कि एक ही मैदान में अलग-अलग कमेटियों के नाम पर कार्य किए जा रहे हैं। फोरम ने मांग की है कि महानंद रामलीला कमेटी समेत सभी कमेटियों के अभिलेख, पदाधिकारियों और अधिकार क्षेत्र का सत्यापन कराया जाए। अक्टूबर में रामलीला, भीड़ का दबाव फोरम ने याद दिलाया कि फतेहपुर की रामलीला लगभग 209 साल पुरानी परंपरा है। शारदीय नवरात्र से शुरू होने वाले दशहरा, रावण वध और भरत मिलाप कार्यक्रमों में हजारों श्रद्धालु आते हैं। ऐसे में आयोजन से पहले जमीन और कमेटी का विवाद सुलझना जरूरी है। फोरम की 3 मुख्य मांगें है गाटा संख्या 2867 पर चल रही धारा 67 की कार्यवाई की समीक्षा कर नियमानुसार कार्यवाई हो। सभी रामलीला कमेटियों के कागजों का सत्यापन हो। आयोजन की जिम्मेदारी उसी समिति को दी जाए जिसके दस्तावेज वैध हों, या जिला प्रशासन अपने पर्यवेक्षण में आयोजन कराए। फोरम ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी के खिलाफ कार्यवाई नहीं, बल्कि सार्वजनिक संपत्ति और 209 साल पुरानी सांस्कृतिक परंपरा की रक्षा करना है। इस मौके पर मंडल उपाध्यक्ष आशीष सिंह चंदेल, जिला प्रभारी इंजी. आयुष मौर्य, जिला महासचिव विमलेश कुमार, जिला मीडिया प्रभारी श्रवण तिवारी समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
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